माखनलाल चतुर्वेदी
राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय का नाम भारत
के विख्यात पत्रकार,कवि और स्वतंत्रता सेनानी, श्री माखनलाल चतुर्वेदी के नाम
पर रखा गया है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित विश्वविद्यालय के
निर्माण के पीछे मुख्य उद्देश्य देश में मास मीडिया के क्षेत्र मे बेहतर शिक्षण
औऱ प्रशिक्षण। मध्यप्रदेश विधानसभा की धारा १५ के तहत १९९० मे विश्वविद्यालय
की नींव पड़ी। जिसे यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने भी सहमति प्रदान की है।
आज विश्वविद्यालय अपनी विभिन्न संचालित कोर्सों के साथ काफी ख्याति हासिल कर
चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा पत्रकारिता, मास
कम्यूनिकेशन, पब्लिक रिलेशन, एडवर्टाइजिंग, लाइब्रेरी एवं इनफॉर्मेशन साइंस,
फोटोग्राफी से लेकर उच्च स्तरीय इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, रे़डियो, टेलीविज़न,
सायबर जर्नलिज्म, वीडियोग्राफी, प्रिटिंग टेक्नोलॉजी एवं इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी
जैसे विभिन्न कोर्स संचालित किये जाते हैं।
विश्वविद्यालय को कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी और भारतीय विश्वविद्यालय संगठन की
सदस्यता भी प्राप्त है। माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय मुक्त विश्वविद्यालय
की श्रेणी में नहीं आता है जो कि दूरस्थ शिक्षा प्रदान करते हैं, विश्वविद्यालय
पत्राचार द्वारा भी कोर्स संचालित नहीं करता है। इसके अलावा विश्वविद्यालय को
उन पंरपरागत विश्वविद्यालय की सूची में भी नहीं रखा जा सकता है जिनका
कार्यक्षेत्र सीमित होता है, बल्कि माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय
का क्षेत्र संपूर्ण भारत को माना जा सकता है, यही नहीं वैश्वीकरण और शिक्षा के
अंतर्राष्ट्रीयकरण के सिद्धांत को मानते हुए विश्वविद्यालय देश के बाहर भी
शिक्षा का प्रसार कर
रहा है। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता
विश्वविद्यालय की सामान्य परिषद में चेयरमैन भारतीय प्रेस आयोग, जनसंपर्क विभाग,
मध्यप्रदेश वित्त मंत्रालय, नेता प्रतिपक्ष म.प्र. विधानसभा, लोकसभ व राज्यसभा
सदस्य, ख्याति प्राप्त संपादक,शिक्षाविद, भाषाविद, आदि आते हैं।
पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी
पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी की स्थापना १६ जनवरी १९९७ को राजकीय नियमों के
अनुसार की गई, जिसका मकसद तकनीकी, प्रबंधकीय और फार्मास्यूटिकल शिक्षा को डिग्री
या और ऊपरी स्तर पर बढ़ावा देना है। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य देश में
रोज़गारपरक तकनीकों से लोगों को अवगत कराना है। यह बात जगजाहिर है कि अच्छी शिक्षा,
बेहतर शिक्षक औऱ जानकारी से प्राप्त होती है, यही कारण है कि पंजाब टेक्नीकल
यूनिवर्सिटी शिक्षण और प्रशिक्षण के आधार पर ही केंद्र स्थापित करती है।
विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सभी पाठ्यक्रम यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन की
नियमावली की धारा २२(१) के तहत संचालित किये जाते हैं। पंजाब
टेक्निकल
यूनिवर्सिटी भारतीय विश्वविद्यालय संगठन की सदस्य भी है, इसके अलावा
अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय संगठन से भी जुड़ी हुई है।
बेहतर शिक्षा और शोध के लिए विश्वविद्यालय ने देश के ९ क्षेत्रों में अपने
क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किये हैं। विश्वविद्यालय, छात्र और उद्योगों के बीच
एक सेतु की तरह काम करता है, जिससे छात्रों को रोज़गार मिलने में भी मदद होती
है। दूरस्थ शिक्षा आज के समय में शिक्षा का एक स्थापित माध्यम है जो बदलती
सामाजिक आर्थिक व्यवस्था में शिक्षा की एक ज़रूरत बन गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से शिक्षा को बेहतर से
बेहतरीन बनाने के लिये पंजाब
टेक्निकल यूनिवर्सिटी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों
में उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान कर रही है।
